जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर स्थित प्रसिद्ध लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की फैली कथित अफवाह के बाद भारी विवाद और हंगामा खड़ा हो गया। इस घटना की वजह से पूरे यूनिवर्सिटी कैंपस में सुरक्षा को लेकर गंभीर तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति को बिगड़ते देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने मौके से 5 युवकों को संदिग्ध हालत में पकड़ा, जिनके पास से सुरक्षा उपकरण वॉकी-टॉकी और हथियार बरामद हुए।
हथियारों और वॉकी-टॉकी पर स्पेशल डीजीपी का अहम बयान
यूनिवर्सिटी परिसर में वॉकी-टॉकी और खंडे मिलने के मामले पर पंजाब के स्पेशल डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) पवन कुमार सिन्हा ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि सेना के अधिकारियों के बच्चे भी इस यूनिवर्सिटी में शिक्षा ग्रहण करते हैं।
घटना के बाद फैली अफवाहों से चिंतित होकर एक आर्मी अफसर अपने परिजनों और सुरक्षाकर्मियों के साथ बच्चों को सुरक्षित वापस ले जाने पहुंचे थे। जांच के दौरान बरामद उपकरण और हथियार उन्हीं सुरक्षाकर्मियों के थे, जिनके वैध दस्तावेज और पहचान पत्र आर्मी अफसर के पास उपलब्ध थे। पुलिस ने गहन पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उन्हें जाने दिया।
पुलिस ने नकारा लाठीचार्ज का दावा, शरारती तत्वों पर साधा निशाना
स्पेशल डीजीपी पवन कुमार सिन्हा ने छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज की खबरों का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन और छात्रों के बीच हुई बैठक के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था।
पुलिस का बल प्रयोग करने का कोई इरादा नहीं था और दिन से लेकर शाम तक स्थिति नियंत्रण में थी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान अचानक कुछ बाहरी शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की नीयत से पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया और पेट्रोल बम से हमला किया।









