‘इंसाफ न मिलने पर ही फूटता है छात्रों का गुस्सा’: LPU हंगामे पर बोले कांग्रेस विधायक परगट सिंह, बाहरी तत्वों की जांच की मांग

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में एक छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों और उसके बाद छात्रों के उग्र प्रदर्शन को लेकर माहौल काफी गरमाया हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव खुद स्थिति का जायजा लेने के लिए यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परिसर में 10 दिनों की छुट्टियों की घोषणा कर दी है, वहीं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।

कांग्रेस विधायक बावा हैनरी ने SIT जांच की उठाई मांग
इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। जालंधर उत्तर से कांग्रेस विधायक बावा हैनरी ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि हाल ही में चितकारा यूनिवर्सिटी के बाद अब लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में ऐसी घटना का सामने आना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की है। बावा हैनरी ने हालिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने स्पष्ट किया है कि निजी यूनिवर्सिटी मुनाफा कमाने का जरिया नहीं बन सकतीं, लेकिन आज छात्रों का शोषण देखने को मिल रहा है।

हिंसक गतिविधियों और तोड़फोड़ पर जताई गहरी चिंता
कांग्रेस विधायक ने यूनिवर्सिटी परिसर में हुए उपद्रव, मॉल की दुकानों में लूटपाट, पेट्रोल बम से हमलों और सरकारी व मीडिया के वाहनों में हुई तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखना और प्रदर्शन करना छात्रों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह देखना जरूरी है कि इस पूरे माहौल को किन असामाजिक तत्वों ने बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यदि छात्रा के साथ कोई भी अप्रिय घटना हुई है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, वहीं अगर अफवाह फैलाई गई है तो अफवाहबाजों पर भी शिकंजा कसा जाए। इसके साथ ही उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रबंधन की लापरवाही की भी जांच की मांग की।

परगट सिंह बोले- इंसाफ न मिलने पर ही फूटता है छात्रों का गुस्सा
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक परगट सिंह ने भी इस घटनाक्रम पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थियों की बात नहीं सुनी जाती और उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, तभी उनका आक्रोश इस रूप में सामने आता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट को छात्रों के साथ बैठकर संवाद स्थापित करना चाहिए ताकि समस्याओं का समाधान हो सके। परगट सिंह ने कैंपस में पेट्रोल बम के इस्तेमाल, सरकारी गाड़ियों और मीडिया के वाहनों पर हुए हमलों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस को यह भी जांच करनी चाहिए कि यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर बाहर से कौन से तत्व दाखिल हुए थे।

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