जालंधर सिविल अस्पताल के बाथरूम का ताला खुला तो खुली पोल! पंजाब के ‘सेहत मॉडल’ पर बावा हैनरी ने उठाए सवाल

जालंधर के सिविल अस्पताल की चरमराती व्यवस्था और खस्ताहाल सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए कांग्रेस के उत्तरी हलके से विधायक बावा हैनरी और शहरी प्रधान राजिंदर बेरी ने अस्पताल का अचानक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नेताओं ने जच्चा-बच्चा वार्ड का मुआयना किया और स्वास्थ्य सुविधाओं तथा सरकारी योजनाओं के दावों पर सवाल खड़े किए।

एक महीने बाद दोबारा दौरा, फिर भी जस की तस मिलीं खामियां
विधायक बावा हैनरी ने बताया कि लगभग एक महीने पहले राजिंदर बेरी ने अस्पताल के डॉक्टरों से मुलाकात कर सुविधाओं में सुधार के संदर्भ में बातचीत की थी। आज वे दोनों नेता यह देखने पहुंचे थे कि एक महीने में अस्पताल की व्यवस्था में कितना सुधार हुआ है। हालांकि, निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्थितियों में कोई खास बदलाव नहीं आया है।

जच्चा-बच्चा वार्ड में गंदगी का अंबार
कांग्रेस नेताओं ने जच्चा-बच्चा वार्ड का विशेष निरीक्षण किया। बावा हैनरी ने बताया कि पुरुषों के शौचालय पर ताला लटका मिला, जबकि महिलाओं के शौचालय में भारी गंदगी और फंगस पाई गई। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था इतनी खराब है कि मरीज यहाँ ठीक होने के बजाय गंदगी के कारण और अधिक बीमार हो सकता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुछ समय पहले इसी वार्ड में शॉर्ट सर्किट की घटना हुई थी, जिसमें गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

‘गोल्डन पीरियड’ को लेकर दी चेतावनी
राज्य सरकार की सेहत बीमा योजना पर हमला बोलते हुए बावा हैनरी ने कहा कि जब डॉक्टरों से बीमा योजना से जुड़ा डेटा मांगा गया तो पता चला कि ज्यादातर मरीज मजबूरी में सरकारी अस्पताल में ही इलाज कराने को विवश हैं।

हार्ट अटैक के मरीजों की गंभीर स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई मरीज निजी अस्पताल से सरकारी अस्पताल में रेफर किया जाता है, तो रेफरल और आवाजाही की प्रक्रिया में ही इतना समय लग जाता है कि मरीज का बहुमूल्य ‘गोल्डन पीरियड’ खतरे में पड़ जाता है। हैनरी ने आरोप लगाया कि सरकार के सेहत योजना को लेकर किए जा रहे सभी दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।

“इतने बुरे हालात पहले कभी नहीं देखे” -राजिंदर बेरी
शहरी प्रधान राजिंदर बेरी ने कहा कि एक माह पूर्व अस्पताल प्रशासन व सीनियर डॉक्टरों के ध्यान में तमाम कमियां लाई गई थीं, लेकिन आज दोबारा आने पर भी गंदगी का वही आलम देखने को मिला। बेरी ने कहा कि सिविल अस्पताल के इतने खस्ता हाल पहले किसी भी सरकार के कार्यकाल में देखने को नहीं मिले जितने आज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।

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