SSP हरविंदर सिंह विर्क की अगुवाई में नशा हॉटस्पॉट पर बड़ा CASO, DSP ओंकार सिंह बराड़ की निगरानी में 40 गिरफ्तार

जालंधर ग्रामीण पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नशा प्रभावित इलाकों में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। SSP हरविंदर सिंह विर्क के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने नकोदर के अंतर्गत आते गांव शंकर समेत जिले के चिन्हित नशा हॉटस्पॉट्स में विशेष CASO ऑपरेशन चलाया। इस दौरान पुलिस ने संदिग्ध लोगों और ठिकानों की गहन जांच करते हुए नशे की बिक्री और सप्लाई पर शिकंजा कसने के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

15 नशा हॉटस्पॉट्स पर पुलिस की विशेष नजर
पुलिस की इस विशेष मुहिम के तहत जालंधर ग्रामीण के 15 चिन्हित नशा हॉटस्पॉट्स को कवर किया गया। ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीमों ने संदिग्ध व्यक्तियों के साथ-साथ उन स्थानों की भी जांच की, जहां नशे की बिक्री या सप्लाई से जुड़ी गतिविधियां होने की आशंका थी। ऑपरेशन में 10 गजटेड अधिकारियों के साथ 275 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई। पुलिस अफसर ओंकार सिंह बराड़ समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑपरेशन की निगरानी करते हुए टीमों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

31 FIR दर्ज, 40 आरोपी गिरफ्तार
CASO ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कुल 31 FIR दर्ज कीं। NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 ग्राम हेरोइन, 381 नशीली गोलियां, टैबलेट्स और कैप्सूल बरामद किए। इसके अलावा पुलिस ने 47 बोतल अवैध शराब भी जब्त की। कार्रवाई के दौरान 15 वाहनों को कब्जे में लिया गया, जबकि एक भगोड़े आरोपी (PO) को भी गिरफ्तार किया गया। वहीं, 14 लोगों के खिलाफ धारा 129 BNSS के तहत निवारक कार्रवाई की गई।

नशा करने वालों की पहचान, इलाज के लिए भेजा जा रहा
पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान केवल नशे की सप्लाई से जुड़े लोगों पर कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि नशे का सेवन करने वाले व्यक्तियों की भी पहचान की। जिन लोगों को तत्काल इलाज की जरूरत है, उन्हें नशा छुड़ाऊ केंद्रों में दाखिल करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं, नशे की शुरुआती अवस्था में पाए गए ऐसे लोगों की काउंसलिंग की जा रही है, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती करवाने की जरूरत नहीं है। ऐसे व्यक्तियों को आगे उचित उपचार और पुनर्वास के लिए रेफर किया जा रहा है।

7 दिन में नशा हॉटस्पॉट को मुक्त करने का लक्ष्य
SSP हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि पुलिस की रणनीति सिर्फ नशा तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है। चिन्हित हॉटस्पॉट्स को नशा मुक्त बनाने के लिए इन्फोर्समेंट, जागरूकता और नशा छुड़ाने एवं पुनर्वास पर एक साथ काम किया जा रहा है।  चिन्हित नशा हॉटस्पॉट्स को नशा मुक्त बनाने के लिए 7 दिनों का विशेष लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन इलाकों में पुलिस की रोजाना निगरानी जारी रहेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।

स्कूलों और गांवों में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम
पुलिस की ओर से नशे की मांग कम करने के लिए इन इलाकों में जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। स्कूलों में जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा गांवों के सांझे स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और वर्कशॉप के जरिए युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

नशे की सप्लाई चेन तोड़ना पुलिस का मुख्य लक्ष्य
SSP विर्क ने कहा कि जालंधर ग्रामीण पुलिस का मुख्य उद्देश्य नशा हॉटस्पॉट्स को पूरी तरह नशा मुक्त करना और नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना है। इसके साथ ही नशे से प्रभावित लोगों को इलाज और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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