राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रेलवे ट्रैक पर मंगलवार रात जोरदार धमाका होने से हड़कंप मच गया। अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेल मार्ग पर रात करीब 9:45 बजे हुए इस ब्लास्ट से पटरी को नुकसान पहुंचा है। धमाके की आवाज करीब 200 मीटर दूर तक सुनाई दी। गनीमत रही कि घटना के समय रेलवे ट्रैक पर कोई ट्रेन मौजूद नहीं थी। हालांकि, धमाके से पहले रात 9 बजे इसी रास्ते से एक पैसेंजर ट्रेन गुजरी थी।
पटरी के नीचे बने 2 सीमेंट ब्लॉक टूटे, गहरा गड्ढा बना
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेलवे पटरी के नीचे लगाए गए सीमेंट के दो ब्लॉक पूरी तरह टूट गए। इसके अलावा पटरियों के बीच करीब 2 फीट गहरा गड्ढा बन गया। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इस रूट पर रेल यातायात बंद कर दिया।
ATS, IB और CID की टीमों ने संभाला मोर्चा
रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। रात करीब 2 बजे इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और CID की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। इसके करीब 15 मिनट बाद ATS के एडिशनल एसपी सुरेंद्र कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। बुधवार सुबह फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने भी जांच के लिए सैंपल जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
6 ट्रेनें रद्द, रेलवे ट्रैक पर आवाजाही बंद
धमाके के बाद रेलवे प्रशासन ने बुधवार सुबह 9 बजे तक इस रेल मार्ग पर ट्रैफिक बंद रखने का फैसला लिया। इसके चलते बुधवार को इस रूट पर चलने वाली 6 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। ट्रैक की सुरक्षा और मरम्मत से जुड़े काम के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसने और क्यों किया ब्लास्ट? जांच में जुटी एजेंसियां
श्रीगंगानगर के एसपी हरिशंकर ने बताया कि धमाके की तीव्रता और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच की जा रही है। FSL टीम घटनास्थल से सैंपल लेकर उनका परीक्षण करेगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि धमाका किस वजह से हुआ और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।









