जालंधर शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक वारदातों पर नकेल कसने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर जगरूप बाठ ने बताया कि शहर की सीमाओं के भीतर बिना नंबर प्लेट वाले किसी भी वाहन को अब पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं मिलेगी। पुलिस प्रशासन ने यह कड़ा कदम भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्राप्त मजिस्ट्रेट शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उठाया है। यह नया फरमान पूरे सिटी कमिश्नरेट क्षेत्र में तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
बिना HSRP और टूटी-फूटी नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कसेगा शिकंजा
डीसीपी जगरूप बाठ ने स्पष्ट किया कि शहर में कई लोग बिना हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP), टूटी-फूटी या बदली हुई नंबर प्लेट वाले वाहनों को दौड़ा रहे हैं। ऐसे वाहन न केवल ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं, बल्कि स्नैचिंग, लूट, दुर्घटना और अन्य संगीन अपराधों को अंजाम देने के बाद पुलिस की पकड़ से बचने के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं। अस्पष्ट नंबर प्लेट के कारण अपराधियों की पहचान करना चुनौती बन जाता है। इसी को देखते हुए सभी पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे किसी भी दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया या कमर्शियल वाहन में ईंधन न भरें। हालांकि, एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं और वैध अस्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर वाले नए वाहनों को इस पाबंदी से राहत दी गई है।
रेस्टोरेंट, बार और ढाबों में खुलेआम हथियार प्रदर्शन पर सख्त पाबंदी
वाहनों पर शिकंजा कसने के साथ-साथ पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने और प्रदर्शन करने वालों पर भी नकेल कसी है। डीसीपी ने कहा कि अक्सर लोग रेस्टोरेंट, मैरिज हॉल, ढाबों, बार और कैफे में अपने लाइसेंसी हथियार साथ ले आते हैं और उन्हें टेबल पर सजाकर रख देते हैं। आर्म्स एक्ट के तहत यह पूरी तरह गैर-कानूनी है। ऐसे में सभी होटल, बार, कैफे और ढाबा संचालकों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि वे अपने परिसरों में “हथियार लेकर आना सख्त मना है” के बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाएं।
नियम तोड़ा तो होगी सीधी जेल और कानूनी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन दोनों ही आदेशों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों, पेट्रोल पंप संचालकों, आर्म्स लाइसेंस धारकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों के खिलाफ बीएनएसएस और संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मकसद शहर में क्राइम रेट को शून्य पर लाना और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।









