Chitkara University में आधी रात मचा बवाल, छात्रों ने किया प्रदर्शन; पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़

चितकारा यूनिवर्सिटी कैंपस में 25 सितंबर की दरमियानी रात उस समय माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब हॉस्टल में ‘भूत’ होने और दो छात्राओं के रहस्यमयी तरीके से लापता होने की अफवाह सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। इस खबर के सामने आते ही बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल से निकलकर कैंपस में इकट्ठा हो गए और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कैंपस में तोड़फोड़ और पुलिस से झड़प
प्रदर्शन के दौरान देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और छात्रों की ओर से कैंपस संपत्ति में तोड़फोड़ की सूचना मिली। बिगड़ते हालात को संभालने के लिए थाना बनूड़, थाना सदर राजपुरा और थाना सिटी राजपुरा की पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। छात्रों को शांत करने और माहौल को नियंत्रित करने के प्रयास के दौरान पुलिस और उग्र छात्रों के बीच तीखी झड़प हो गई। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस की एक सरकारी गाड़ी को भी निशाना बनाते हुए उसमें तोड़फोड़ कर दी।

चौकी इंचार्ज पर नशे का आरोप और मेडिकल जांच
हंगामे के बीच केएसएम (KSM) चौकी, सिटी राजपुरा के इंचार्ज अजय कुमार के साथ छात्रों की धक्का-मुक्की की खबर आई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चौकी इंचार्ज पर ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में होने का गंभीर आरोप लगाया। इसके बाद माहौल को देखते हुए यूनिवर्सिटी की लैब में ही उनका मेडिकल परीक्षण करवाया गया। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

आत्महत्या की पुरानी घटना और प्रशासन का खंडन
घटनाक्रम के दौरान छात्रों के बीच यह चर्चा भी जोरों पर थी कि पूर्व में किसी छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या की थी, जिसका ‘भूत’ हॉस्टल में बाकी छात्रों को डरा रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने इस तरह की किसी भी आत्महत्या की घटना से साफ इनकार किया है। प्रशासन का कहना है कि कुछ असामाजिक या शरारती तत्व रात के समय अन्य छात्रों के कमरों के दरवाजे खटखटाकर भाग जाते थे, जिसने बाद में एक खौफनाक अफवाह का रूप ले लिया।

गुमशुदगी के दावों की सच्चाई और पुलिस का रुख
सोशल मीडिया पर दो छात्राओं के गायब होने से जुड़े पोस्ट लगातार शेयर किए जा रहे थे। मौके पर पहुंचे डीएसपी सुखदेव सिंह ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जांच के दौरान किसी भी लापता छात्रा का नाम या पहचान सामने नहीं आई है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों में से भी कोई यह नहीं बता सका कि वास्तव में कौन-सी दो छात्राएं गायब हैं। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि पुलिस छात्रों से लिखित शिकायतें ले रही है और यदि जांच में कोई छात्रा वास्तव में गायब पाई जाती है तो गुमशुदगी का मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीटीवी फुटेज की जांच और स्थिति नियंत्रण में
डीएसपी सुखदेव सिंह ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि यूनिवर्सिटी में अब स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और सभी छात्र सुरक्षित हैं। पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हॉस्टल में रात को दरवाजे खटखटाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने का वादा किया है। अधिकारियों के कड़े आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए और वापस अपने हॉस्टल लौट गए। फिलहाल पूरे कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और जांच जारी है।

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