जालंधर ग्रामीण पुलिस ने थाना सदर नकोदर में दर्ज 3.16 लाख रुपये की लूट के मामले को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति ने खुद को लूट का पीड़ित बताया था, उसी ने कथित तौर पर पूरी घटना की झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने आरोपी अरविंदर सिंह को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 लाख रुपये की नकदी बरामद की है।
3.16 लाख रुपये की लूट की मिली थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को अरविंदर सिंह पुत्र राम लुभाया, निवासी गांव चूहड़, थाना सदर नकोदर, जो CMS Info Systems Pvt. Ltd. में काम करता था, से 3,16,599 रुपये की लूट होने की सूचना मिली थी। उसने बताया था कि गांव जमीतेगढ़ खोसे के अड्डे पर कुछ अज्ञात लोगों ने उसे घेरकर उसके पास मौजूद रकम लूट ली।
इस सूचना के आधार पर थाना सदर नकोदर में एफआईआर नंबर 254 दिनांक 17 सितंबर 2026 को धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच एएसआई सुखविंदर सिंह द्वारा शुरू की गई।
जांच में सामने आई झूठी लूट की कहानी
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान तकनीकी और अन्य आधुनिक तरीकों से मामले की पड़ताल की गई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को घटना की कहानी पर संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार अरविंदर सिंह ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने खुद ही लूट की झूठी कहानी तैयार की थी।
पुलिस के मुताबिक, अरविंदर सिंह पर घरेलू खर्चों के लिए कर्ज था और वह कर्ज चुकाने के लिए कंपनी की रकम हड़पना चाहता था। इसी कथित योजना के तहत उसने कंपनी की राशि को लूट का रूप देने की कोशिश की और घटना के संबंध में गलत जानकारी दी।
2 लाख रुपये की नकदी बरामद
जालंधर ग्रामीण पुलिस ने कथित पीड़ित अरविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, उसके कब्जे से 2 लाख रुपये भारतीय मुद्रा बरामद की गई है। बाकी रकम की बरामदगी को लेकर पुलिस की जांच जारी है।
पुलिस कार्रवाई एसएसपी जालंधर ग्रामीण हरविंदर सिंह विर्क के दिशा-निर्देशों के तहत एसपी (जांच) विनीत आहलावत और डीएसपी नकोदर ओंकार सिंह बराड़ के नेतृत्व में तथा थाना सदर नकोदर के मुख्य अधिकारी इंस्पेक्टर पलविंदर सिंह की निगरानी में की गई।









