कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के मामले में बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दोनों को तिहाड़ जेल भेजा गया है। उन पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप हैं।
बैरिकेड पार कर जंतर-मंतर में घुसने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह सौरव दास, आशुतोष रंका और उनके साथी अजिंक्य शिंदे को उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वे कथित तौर पर बैरिकेड पार करके बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में दाखिल हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की थी।
एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने किया गया पेश
हिरासत में लिए जाने के बाद तीनों को बुधवार सुबह दोबारा एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसके बाद सौरव दास और आशुतोष रंका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। वहीं, उनके साथी अजिंक्य शिंदे की जमानत बॉन्ड से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस ने कई आरोपों में दर्ज किया मामला
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ बिना अनुमति प्रवेश करने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, शांति बनाए रखने के बॉन्ड की शर्तें तोड़ने और सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने सहित कई आरोपों में मामला दर्ज किया है।
बताया गया है कि शनिवार को एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद सौरव दास और आशुतोष रंका ने एक साल तक शांति बनाए रखने के बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए थे। पुलिस का आरोप है कि मंगलवार की घटना के दौरान इन शर्तों का उल्लंघन किया गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP और अन्य संगठनों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन की कोशिश की गई थी।









