फ्रांस में अब तक का सबसे बड़ा Cyber Attack! सैकड़ों दुकानों के रेफ्रिजरेशन सिस्टम ठप

फ्रांस में सोमवार को सैकड़ों सुपरमार्केट्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर बड़े साइबर हमले का मामला सामने आया। इस हमले के कारण 480 से अधिक दुकानों के फ्रिज और फ्रीजर प्रभावित हुए और कुछ सिस्टम का तापमान कथित तौर पर 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकरों ने दुकानों के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को डीफ्रॉस्टिंग मोड में डाल दिया, जिससे ताजा और फ्रोजन खाद्य पदार्थों के खराब होने का खतरा पैदा हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फ्रांस सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।

हैकरों ने रेफ्रिजरेशन सिस्टम को बनाया निशाना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साइबर हमलावरों ने कई सुपरमार्केट्स के इंटरनेट से जुड़े रेफ्रिजरेशन सिस्टम में सेंध लगाई। इसके बाद इन सिस्टम को डीफ्रॉस्टिंग मोड में डाल दिया गया, जिससे फ्रिज और फ्रीजर सामान्य तरीके से ठंडा नहीं रख पाए। इसका असर खाद्य पदार्थों के भंडारण पर पड़ा।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कई दुकानों में रखे ताजा और फ्रोजन खाद्य उत्पाद खराब होने की आशंका पैदा हो गई। कुछ स्टोर्स में आग लगने की घटनाएं भी सामने आने की जानकारी दी गई है, हालांकि इन घटनाओं का साइबर हमले से सीधा संबंध जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

480 से ज्यादा स्टोर प्रभावित होने की खबर
फ्रांसीसी मीडिया के मुताबिक, इस हमले से 480 से अधिक सुपरमार्केट्स प्रभावित हुए। बड़ी रिटेल कंपनियों ने इसे अपनी तरह का पहला और बेहद गंभीर हमला बताया है। इस घटना ने इंटरनेट से जुड़े औद्योगिक उपकरणों और व्यावसायिक प्रणालियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुपरमार्केट्स में तापमान नियंत्रित रखने वाले सिस्टम खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद अहम होते हैं। ऐसे सिस्टम में गड़बड़ी होने से बड़े पैमाने पर सामान खराब होने और आर्थिक नुकसान का खतरा पैदा हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा एजेंसी को सौंपी जांच
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नेशनल साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ANSSI को हमले की जांच करने को कहा है, ताकि इसके तरीके, दायरे और संभावित जिम्मेदारों का पता लगाया जा सके। फ्रांस की एजेंसियां अन्य यूरोपीय देशों के साथ मिलकर यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं दूसरे देशों की कंपनियां भी इस हमले से प्रभावित तो नहीं हुई हैं।

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