शंभू-खनौरी बॉर्डर के सामान से लेकर बिजली कट तक… जालंधर में किसानों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के घर के पास स्थित पार्क में किसान संगठनों ने सोमवार दोपहर से 5 दिवसीय पक्का मोर्चा शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान पंजाब पुलिस द्वारा किसानों की ट्रॉलियों, एसी और अन्य सामान को कथित तौर पर जब्त या चोरी किया गया, जिसे तुरंत वापस लौटाया जाए। इसके अलावा किसानों ने पंजाब के किसानों पर चढ़े भारी कर्ज को केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा मिलकर माफ करने की मांग उठाई है, ताकि कर्ज के कारण हो रही आत्महत्याओं पर रोक लग सके।

बिजली संकट, चिप वाले मीटर और अमेरिका ट्रेड डील का विरोध
किसानों ने अपनी मांगों के दायरे को बढ़ाते हुए पंजाब में लग रहे लंबे बिजली कटों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि खेतों की सिंचाई के समय बिजली न मिलने से फसलें प्रभावित हो रही हैं। साथ ही, घरों में लगाए जा रहे डिजिटल यानी चिप वाले बिजली मीटरों का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें बंद करने की मांग की, क्योंकि इनसे बिना खपत के भी भारी बिल आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हाल ही में अमेरिका के साथ हुए ट्रेड समझौते को किसान विरोधी बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की गई है।

18 सितंबर तक अल्टीमेटम, मांगें न मानने पर बड़ा आंदोलन तय
किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि 14 से 18 सितंबर तक मंत्रियों के घरों के बाहर यह पक्का मोर्चा जारी रहेगा। यदि इस अवधि के दौरान सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्य स्तरीय बैठक बुलाकर आंदोलन को उग्र किया जाएगा। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में राष्ट्रीय राजमार्गों को पूरी तरह से जाम किया जाएगा और रेल यातायात भी ठप कर दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *